आइए उसी जादू की गली में एक बार फिर घूम आते हैं। कहानी तो आप सब जानते हैं। गरीब लकड़हारा अली बाबा (Ali Baba) गलती से एक गुफा के पास पहुँच जाता है, जहाँ 40 चोर अपना लूटा हुआ माल छिपाते हैं। वह चोरों के सरदार को चिल्लाते हुए सुनता है: "खुल जा सिम सिम" (Open Sesame) और पत्थर का दरवाजा खुल जाता है।

क्या आपको वो दिन याद हैं जब कार्टून नेटवर्क पर रविवार सुबह 11 बजे ‘Ali Baba and the 40 Thieves’ (हिंदी वर्जन) आता था? अगर हाँ, तो आप सही जगह पर हैं।

90 के दशक के अंत और 2000 के दशक की शुरुआत में पले-बढ़े बच्चों के लिए, अली बाबा और 40 चोर सिर्फ एक कहानी नहीं थी, बल्कि एक अनुभव था। चाहे वो Arabian Nights (अलिफ लैला) का वो एपिसोड हो या फिर जापानी एनीमे स्टाइल में बनी की 1960 वाली क्लासिक फिल्म — इसका हिंदी डब वर्जन किसी जादू से कम नहीं था।

पुराने जमाने के उसी खुल जा सिम सिम वाले जादू के साथ, आप सभी को पढ़कर अच्छा लगा होगा। जल्द ही ऐसे ही पुराने कार्टून रिव्यूज़ लाते रहेंगे।