बॉस पूछते हैं, "क्रिस, अगर हम किसी ऐसे आदमी को hire करें, जो बिना शर्ट के आया हो, तो तुम क्या सोचोगे?" क्रिस हंसते हुए कहता है, "सर, उसने बहुत अच्छी पैंट पहनी होगी।"
यही वो पल था जब क्रिस के दिमाग में बिजली कौंधी। "मैं स्कैनर क्यों बेचूँ? मैं पैसे का कारोबार करूँगा!"
वो टॉयलेट के दरवाजे पर पैर रखकर रोकता है कि कोई अंदर न आए। सी.जे. उसकी गोद में सोता है। क्रिस अपने आंसू पोछता है और खुद से कहता है – "मैं रोने वाला नहीं हूँ। बस।" The Pursuit Of Happyness Movie In Hindi
Dean Witter नाम की एक ब्रोकरेज फर्म में इंटर्नशिप के लिए 20 लोगों का चुनाव होता है। उनमें से सिर्फ एक को नौकरी मिलती है – और वो भी बिना तनख्वाह के 6 महीने ट्रेनिंग के बाद। क्रिस फॉर्म भरता है, लेकिन उसके पास डिग्री नहीं है, सिर्फ हाई स्कूल। फिर भी, वो हर दिन ऑफिस के बाहर खड़ा होता है, मैनेजर को इम्प्रेस करने के लिए।
क्रिस को बिग बॉस के कमरे में बुलाया जाता है। बॉस कहते हैं, "क्रिस, तुम्हारी शर्ट अच्छी है। कल भी पहन कर आना।" क्रिस सोचता है, "मतलब? कल भी? यानी... मुझे job मिल गई?" कल भी
वो दौड़ता हुआ डे-केयर सेंटर पहुँचता है। सी.जे. को गोद में उठाता है और कस कर गले लगाता है।
क्रिस की आँखों से पानी बह निकलता है। वो अपने बेटे को कस कर पकड़ लेता है। उसे लगता है कि अब वो डूब रहा है, लेकिन वो बच्चे के लिए तैरता रहेगा। भूखे रहकर भी सीखते हो
कहानी यहाँ खत्म नहीं होती। वो क्रिस गार्डनर आगे चलकर अपनी खुद की मल्टीमिलियन डॉलर की फर्म के मालिक बनता है। लेकिन फिल्म का असली संदेश है – खुशी कोई जगह नहीं है, खुशी एक रास्ता है। वो रास्ता जहाँ तुम रोते हुए भी मुस्कुराते हो, भूखे रहकर भी सीखते हो, और टॉयलेट में रात बिताकर भी सुबह अपने बच्चे से कहते हो: